
Sad Shayari 1) भर रोती रही वो आँखें, जाने किसकी याद में जागती रही वो आँखें। अश्को की अब क्या कीमत लगायी जाये की हर आंसू के गिरते, किसी को पुकारती रही वो आँखें। पलकों पे तस्वीर लिए मेहबूब का, तरसती रही वो आँखें। 2)ना चाहा बहुत कुछ, पर खामोश रही वो आँखें। उन आँखों को चाहिए था दीदार अपने मेहबूब का जो रूठ के चला गया हैं कही दूर, उसके लौट आने की राह तख्ती रही वो आँखें. 3)हा मौसम है और उदास रात है वो मिल के बिछड़ गये ये कैसी मुलाक़ात है, दिल धड़क तो रहा है मगर आवाज़ नही है, वो धड़कन भी साथ ले गये कितनी अजीब बात है! 4) प्यार में धोखा और बेवफा पर शायरी बेवफा तो वो खुद थी, पर इलज़ाम किसी और को देती हैं पहले नाम था मेरा उसके होंठो पर, अब वो नाम किसी और का लेती हैं, कभी लेती थी...